Q:सैनिटरी पैड बाजार का आकार
वैश्विक स्तर पर, सैनिटरी पैड बाजार का आकार 2023 में लगभग 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर था और 2030 तक 30 बिलियन डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। एशिया-प्रशांत क्षेत्र, विशेष रूप से भारत और चीन, तेजी से बढ़ते बाजार हैं, जहां जागरूकता बढ़ने और सामाजिक कलंक कम होने से मांग में वृद्धि हो रही है।
भारत में, सैनिटरी पैड बाजार का मूल्य 2024 में लगभग 600 बिलियन रुपये है। सरकारी पहल जैसे 'स्वच्छ भारत अभियान' और कर में छूट ने उत्पादों की पहुंच बढ़ाई है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी पैठ कम है, जो भविष्य के विकास के लिए एक बड़ा अवसर है।
बाजार के विस्तार के प्रमुख चालकों में शहरीकरण, बढ़ती महिला कार्यबल भागीदारी, और ऑनलाइन खुदरा बिक्री शामिल हैं। ब्रांड अब ऑर्गेनिक, बायोडिग्रेडेबल और सब्सक्रिप्शन-आधारित मॉडल पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो बाजार को और विविध बना रहे हैं।
एक दिलचस्प पहलू स्थायी और किफायती उत्पादों की बढ़ती मांग है। कई स्टार्टअप और एनजीओ सस्ते और पर्यावरण-अनुकूल पैड बना रहे हैं। यह न केवल बाजार के आकार को बढ़ा रहा है, बल्कि मासिक धर्म स्वच्छता तक पहुंच में भी सुधार कर रहा है, विशेष रूप से कम आय वाले समूहों में।